राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनगट्टा में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध प्लाटिंग के खेल पर प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। राजस्व विभाग और प्रशासनिक अमले ने आज सुबह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर लगभग 150 एकड़ भूमि पर की गई अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
🛑 बिना अनुमति के काटी जा रही थी कॉलोनी
जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ग्राम मनगट्टा में बिना किसी वैधानिक अनुमति, डायवर्शन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) की स्वीकृति के बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग का कारोबार फल-फूल रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पहले राजस्व विभाग की टीम ने गुप्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया। मामला सही पाए जाने पर आज सुबह प्रशासन का अमला बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गया।
🚜 प्रवेश द्वार और सड़कें की गईं ध्वस्त
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से विकसित की जा रही चौड़ी सड़कों, भूमाफियाओं द्वारा बनाए गए भव्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) और अन्य अवैध निर्माणों को बुलडोजर की मदद से मलबे में तब्दील कर दिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के भूमाफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है।
📢 प्रशासन की आम जनता से अपील: “प्लॉट खरीदने से पहले बरतें सावधानी”
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी और अपील जारी की है:
दस्तावेजों की जांच: किसी भी झांसे में आने से पहले भूमि की वैधानिक स्थिति, खसरा-नक्शा और रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन की जांच अवश्य करें।
भविष्य के नुकसान से बचें: बिना अनुमति वाले प्लॉट पर निवेश करने से बचें, क्योंकि भविष्य में ऐसे निर्माणों को ढहा दिया जाएगा और वहां बिजली-पानी जैसी सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
अधिकारियों का बयान:
“जिले में अवैध प्लाटिंग, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और राजस्व नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मनगट्टा में हुई कार्रवाई एक शुरुआत है, जिले के अन्य हिस्सों में भी ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी बुलडोजर की कार्रवाई जारी रहेगी।”



