Home छत्तीसगढ़ योग धर्म से राष्ट्र धर्म की ओर बढ़ रहा हमारा देश :...

योग धर्म से राष्ट्र धर्म की ओर बढ़ रहा हमारा देश : स्वामी परमार्थ देव…

16
0

० पतंजलि कार्यकर्ता सम्मेलन व समागम में पहुंचे स्वामी रामदेव के परम शिष्य, सिंधु भवन में ली प्रेसवार्ता

राजनांदगांव (दावा)। संस्कारधानी नगरी राजनांदगांव में शनिवार को योग ऋषि परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के पतंजलि विश्वविद्यालय एवं भारत स्वाभिमान पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में कार्यकर्ता सम्मेलन व योग धर्म से राष्ट्र धर्म समागम का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस गौरवशाली समागम में भाग लेने पहुंचे पूज्य स्वामी रामदेव जी के परम शिष्य स्वामी परमार्थ देव ने स्थानीय सिंधु भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए देश की वर्तमान दशा और दिशा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज हमारा भारत देश योग धर्म से राष्ट्र धर्म की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वामी परमार्थ देव ने प्रेस वार्ता में बताया कि पतंजलि योगपीठ द्वारा वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद को नई गति देने और इस पर और भी अधिक गहराई से रिसर्च (अनुसंधान) का कार्य किया जा रहा है। योग से आरोग्य का शंखनाद करते हुए करो योग, रहो निरोग के मूल मंत्र को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने अष्टांग योग को वैज्ञानिक बताते हुए कहा कि यह दीर्घकालीन और स्वस्थ जीवन जीने की एक प्रामाणिक विद्या है।

गौ माता की सेवा और जैविक खेती पर दिया बल
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और जनहित के मुद्दों पर बात करते हुए स्वामी जी ने समाज के एक विशेष समुदाय द्वारा गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि गौ माता का हर स्वरूप और उनसे प्राप्त होने वाली हर वस्तु अत्यंत पवित्र है, इसलिए गौ माता की सेवा हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए। धरती माता की उर्वरा शक्ति को बचाने के लिए देश के किसानों को रासायनिक खादों को छोडक़र अब अनिवार्य रूप से जैविक खेती की ओर लौटना होगा। रसायनों के अत्यधिक उपयोग से धरती माता दूषित हो रही है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है। आज वैश्विक स्तर पर चारों ओर अशांति और युद्ध की विभीषिका बनी हुई है। इसका मुख्य कारण यह है कि मनुष्य शांत मन से चिंतन नहीं कर पा रहा है और यह मानसिक शांति केवल योग से ही संभव है। हमारा संकल्प विकल्प रहित संकल्प है।

फास्ट फूड से युवा हो रहे बीमार, छत्तीसगढ़ को बनाएंगे अध्यात्म युक्त
युवाओं में बढ़ती बीमारियों पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वामी जी ने कहा कि आजकल के नौजवानों में कम उम्र में ही गंभीर रोग देखने को मिल रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अनहेल्दी ईटिंग (दूषित खान-पान) है। युवा वर्ग भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप सात्विक आहार को भूलता जा रहा है।

हमारा उद्देश्य देश को पूरी तरह रोग मुक्त बनाना है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि छत्तीसगढ़ राज्य को रोग मुक्त, योग युक्त और अध्यात्म युक्त बनाया जाएगा। जिसके लिए पतंजलि के कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग कक्षाएं शुरू कर रहे हैं। वर्ष 2026 के अंत तक हर क्षेत्र में स्थाई योग कक्षाएं स्थापित करने, स्वदेशी वस्तुओं का पालन करने और भारत को परम वैभवशाली व स्वाभिमानी बनाने के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा।

21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज
स्वामी जी ने आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए सभी से उस दिन योग करने और जीवन भर स्वस्थ रहने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस वैश्विक आयोजन को लेकर पतंजलि परिवार की ओर से तैयारियां अभी से जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। इस महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता और समागम के अवसर पर मुख्य रूप से जयंत भाई, छविराम, हेमंत तिवारी सहित बड़ी संख्या में जिले के योग प्रेमी, प्रबुद्ध नागरिक और पतंजलि के निष्ठावान कार्यकर्ता उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here