राजनांदगांव । राजनांदगांव रेंज के नवपदस्थ पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय यादव ने सोमवार, 13 जुलाई को आईजी कार्यालय पहुंचकर विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर रेंज के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के पुलिस कप्तान और आला अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पदभार ग्रहण के दौरान पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी) वाई.पी. सिंह, पुलिस अधीक्षक (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) लक्ष्य शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व एलेक्जेंडर किरो विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही एसडीओपी श्रीमती मंजूलता बाज, एसडीओपी (डोंगरगढ़) केसरी नंदन नायक, डीएसपी (मुख्यालय) के.पी. मरकाम, डीएसपी (नक्सल) एम्ब्रोज कुजूर, सहायक एआईजी श्रीमती गीता वाधवानी और रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर सहित आईजी कार्यालय के तमाम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक में दी प्राथमिकताएं
पदभार संभालने के तुरंत बाद आईजी अजय यादव ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों के साथ एक औपचारिक परिचयात्मक बैठक की। इस संवाद के दौरान उन्होंने राजनांदगांव रेंज के सभी जिलों की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधियों, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम तथा लंबित मामलों के अनुसंधान की विस्तृत समीक्षा की।
बेसिक पुलिसिंग को बनाएं जनोन्मुखी और संवेदनशील
अधिकारियों को संबोधित करते हुए आईजी श्री यादव ने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुरक्षा और उनका विश्वास ही पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बेसिक पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी (पीपल-फ्रेंडली) बनाने, थाना स्तर पर पुलिस की विजिबिलिटी और सक्रियता बढ़ाने तथा थानों में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित व संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए।
अवैध कारोबार और अपराधियों पर कसें नकेल
आईजी ने अपराध अनुसंधान में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने गंभीर अपराधों के शीघ्र निराकरण, फरार व वांछित आरोपियों की धरपकड़ के साथ-साथ रेंज में अवैध शराब, सट्टा, जुआं और अन्य असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा, उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए थानों के स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष बल दिया।
टीम भावना और पारदर्शी कार्यप्रणाली से बढ़ेगा संवाद
उन्होंने पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को हर हाल में सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखना है। इसके लिए जनता से सीधा और बेहतर संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि रेंज के सभी जिलों की पुलिस टीम भावना के साथ काम करते हुए क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगी।



