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7 दिन की मोहलत खत्म, 22.66 लाख रूपए पेंशन घोटाले में अब कार्रवाई तय…

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रीता पीटर को डाक विभाग ने 16 जून को जारी किया था नोटिस, तय समय में राशि जमा नहीं होने पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की तैयारी

राजनांदगांव (दावा)। मृत पेंशनधारी के खाते से 11 वर्षों तक पारिवारिक पेंशन की राशि निकालने के चर्चित मामले में अब कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी सात दिन का नोटिस अवधि समाप्त हो चुकी है। अधीक्षक डाकघर राजनांदगांव संभाग द्वारा श्रीमती रीता पीटर को 22 लाख 66 हजार 500 रुपये की कथित अनधिकृत रूप से आहरित राशि सात दिनों के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए थे। अब निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। डाक विभाग के अनुसार। स्व. रियाजुर रहमान की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी स्व. श्रीमती शकीला बेगम को बीएसएनएल की पारिवारिक पेंशन प्रधान डाकघर स्थित बचत बैंक खाते में मिल रही थी। विभाग को प्राप्त शिकायतों और मृत्यु प्रमाण पत्र के अनुसार शकीला बेगम का निधन 31 जनवरी 2013 को हो गया था, लेकिन इसके बावजूद फरवरी 2013 से मई 2024 तक उनके खाते से कुल 22,66,500 रुपये की पारिवारिक पेंशन का भुगतान और आहरण होता रहा। जांच समिति की रिपोर्ट, उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर डाक विभाग ने आरोप लगाया है कि रीता पीटर ने कूटरचित हस्ताक्षरों और कथित रूप से परिवर्तित जीवन प्रमाण पत्र का उपयोग कर मृत पेंशनधारी के खाते से राशि निकाली।
विभाग का कहना है कि इससे भारतीय डाक विभाग और बीएसएनएल को आर्थिक नुकसान पहुंचा है। इस संबंध में 16 जून 2026 को अधीक्षक डाकघर राजनांदगांव संभाग ने रीता पीटर को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर पूरी राशि निकटतम डाकघर में जमा करने और उसकी रसीद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं करने पर विभागीय नियमों के तहत वसूली की कार्रवाई के साथ-साथ वैधानिक एवं दाण्डिक कार्रवाई भी प्रारंभ की जाएगी। अब नोटिस की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। ऐसे में यह मामला फिर चर्चा में है और लोगों की निगाहें डाक विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं की गई है तो विभाग अपने नोटिस के अनुसार वसूली, एफआईआर अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा सकता है।

 

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