छुईखदान। बड़े जामात स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर से गुरुवार को परंपरागत रियासतकालीन भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ निकाली गई। रथयात्रा में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला तथा लोगों ने अपने-अपने घरों के बाहर निकलकर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
रथयात्रा के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। श्री मधुबन महिला गौ सेवा समिति द्वारा प्रसादी वितरण किया गया, वहीं जय जगन्नाथ सेवा समिति ने रथयात्रा के साथ चलते हुए निरंतर श्रद्धालुओं की सेवा में प्रसादी वितरित की।
इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा, मंडल छुईखदान द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ के नगर भ्रमण के दौरान पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। आतिशबाजी के साथ श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया गया तथा दोपहर से महाप्रसादी वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस पावन अवसर पर खैरागढ़ विधानसभा के शैडो विधायक एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण रही। वहीं दूसरी ओर, इतने विशाल धार्मिक आयोजन के अनुरूप यातायात व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं दिखी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त यातायात नियंत्रण, पुलिस बल की तैनाती, वैकल्पिक मार्गों एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था का अभाव देखने को मिला। इसके कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही तथा श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ा। रथयात्रा मार्ग पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही भी जारी रहने से व्यवस्था प्रभावित होती नजर आई।
नगरवासियों ने प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की है कि भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए पूर्व से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। पर्याप्त पुलिस एवं यातायात कर्मियों की तैनाती, प्रभावी बैरिकेडिंग, वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग व्यवस्था तथा सुचारु यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध हो सके।
भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा छुईखदान की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। नगरवासियों का विश्वास है कि प्रशासन, आयोजन समितियों एवं जनसहयोग के समन्वय से भविष्य में यह आयोजन और अधिक भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप में संपन्न होगा।


