खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण वर्षों से हैं परेशान
डोंगरगांव (दावा)। विधानसभा क्षेत्र खुज्जी के ग्राम करमरी-खुज्जी सडक़ की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है। जिससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। सिंगल रोड और उस पर बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों के लिए काल बना हुआ है और जान हथेली में लेकर सफर करने को मजबूर हैं। विशेषकर बारिश के दिनों में इन गड्डों में पानी भरने से उसकी गहराई का पता ही नहीं चलता और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। बता दें कि खुज्जी से करमरी की दूरी महज 12 किलोमीटर है, जिसके बाद बालोद जिले के देवरी तक पहुंच मार्ग है। बड़ी बात यह कि ग्राम खुज्जी में स्वयं क्षेत्र के विधायक भोलाराम साहू का निवास है और आने अनेक दौरे में इस मार्ग का उपयोग करते हैं। लंबे समय से इस क्षेत्र के विधायक बने रहने के बावजूद इस रास्ते का कायाकल्प नहीं हो सका है। इस बदतर सडक़ के चलते स्कूली बच्चे, कामकाजी महिला और बुजुर्ग खासे परेशान हैं. प्रतिदिवस विद्यार्थी शाला पहुंचते समय या वे कीचड़ में गिर जाते हैं या फिर उनका स्कूल ड्रेस और बस्ता खराब होता है। बुजुर्गों को भी इस खराब स्थिति में यात्रा करना एक चुनौती बन गया है।
लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
खुज्जी-करमरी मार्ग दो जिलों को जोडऩे वाली मुख्य सडक़ है। यह मार्ग ही सीधा बालोद जिला के दल्लीराजहरा और आगे बस्तर के भानुप्रतापपुर तक जोड़ता है। सडक़ों की दयनीय स्थिति के कारण चार पहिया वाहन वाले अन्यत्र मार्ग की तलाश करते है। जिससे वह गंतव्य तक जल्दी पहुंच सके। इससे इस रास्ते में दुकान खोलकर बैठे व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सडक़ की खराब स्थिति के चलते क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रति ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।
लंबे समय से सडक़ चौड़ीकरण की मांग
मिली जानकारी के अनुसार खुज्जी-करमरी मार्ग सन् 1972 से निर्मित है और लंबे अंतराल के बाद भी इस सडक़ का चौड़ीकरण नहीं हो पाया है। हालाकि विभाग कभी कभी जागता है तो गड्ढों को भरने का काम कर देते हैं, लेकिन सडक़ का पूरी तरह दुरूस्तीकरण अब तक नहीं हो पाया है। इस मार्ग में यात्री बसों के अलावा हैवी मालवाहक भी दौड़ते हैं। जिसकी वजह से यह मार्ग काफी जर्जर है। बता दें कि यह मार्ग बालोद जिले के देवरी से डोंगरगांव और छुरिया जाने का मुख्य सडक़ है। जहां कम से कम 8 से 10 बसों की आवाजाही प्रतिदिन होती है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र की ओर से आने वाली ट्रकें भी धमतरी, बालोद, दल्लीराजहरा मार्ग में जाने के लिए इसी रास्ते से गुजरती है। आसपास ग्रामों के लिए डोंगरगांव इकलौता महाविद्यालय होने के कारण क्षेत्र के समस्त छात्र-छात्राएं भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।


