गुंजायमान हुआ ओम नम: शिवाय का महामंत्र, हर-हर महादेव से गूंजा माहौल
राजनांदगांव (दावा)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को शहर सहित पूरे अंचल भर के मंदिर शिवालयों में शिव भक्ति की बहार रही।भगवान भोलेनाथ शिव पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ पूजे गए। भक्तों ने भगवान ऐ में दूध जल बेल पत्र धतुरा फल फूल व कनेर पुष्प चढ़ाकर प्रसन्न करने का प्रयास किया। इस दौरान भक्तों द्वारा शिव स्रोत, शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया गया और पूरे मनोयोग से भगवान शिव की पूजा कर उनसे अपने घर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की । इस दौरान पूरा वातावरण शिवमय बना रहा। इधर ब्रह्म मुहूर्त से ही बोल बम के कांवरिए द्वारा समीप के नदी सरोवरों से कलश में पवित्र जल लाकर भगवान शिव लिंग में चढ़ाने का क्रम जारी रहने से शिव भक्ति की अजस्त्र धारा बहती रही। इस दौरान सुबह से ही वातावरण में बोल बम का नारा सुनाई दिया जिससे लोग आह्लादित महसूस करते हुए भगवान भोलेनाथ के प्रति नतमस्तक होते रहे। मंदिरों में सुबह से ही शंख डमरू निनाद के स्वर गुंजायमान होने से पुरा वातावरण धर्म मय बना रहा।
बता दें कि इस बार 4 सावन वाले श्रावण मास की शुरुआत 4 शुभ संयोगो में हुई है। सावन के पहले दिन 29 जुलाई को आयुष्मान योग, श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग और व्रत का रहा। नगर के युवा ज्योतिषी दिवाकर बाजपेई ने बताया कि आज 3 अगस्त को श्रावण मास का प्रथम सोमवार, 10 अगस्त को दूसरा सोमवार एवं सोम प्रदोष व्रत, 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि, इसके अगले दिन हरियाली अमावस्या का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। 17 अगस्त को तृतीय सावन सोमवार एवं नागपंचमी का पर्व, 24 अगस्त को चतुर्थ सावन सोमवार है। इसके बाद 25 अगस्त को सावन भौम प्रदोष व्रत तथा 28 अगस्त कुछ श्रावण पूर्णिमा है। इस दिन भाई एवं बहनों के पवित्र स्नेह बंधन का पर्व राखी एवं श्रावणी पर्व धूमधाम से मनाई जाएगी। उपरोक्त ग्रह- नक्षत्रों के योग-संयोगों के मद्देनजर इस बार के चार सावन सोमवार के योग को काफी शुभ और मंगलप्रद माना जा रहा है।
बोल बम का नारा रहा गुंजायमान
बहरहाल सावन मास का प्रथम सोमवार को भगवान शिव में जल चढ़ाने वाले बोलबम कांवरियों का बोल बम का नारा शहर में गुंजायमान रहा वहीं मंदिरों में सुबह से लेकर देर शाम तक शिवभक्ति की अविरल धारा बहती रही। विशेष कर क्वारी कन्याओं ने योग्य वर की प्राप्ति के लिए भगवान भोलेनाथ का पूरे भक्ति भाव से पूजन किया वहीं महिलाएं भी अपने सुख सौभाग्य की सलामती व घर परिवार की खुशहाली के लिए भगवान भोलेनाथ को बेल पत्र, घतुरा फल कनेर पुष्प व दूध जल चढ़ाकर पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ पूजन की। इसी तरह पुरुष जन भी व्रत आराधना पूजा उपवास कर भगवान भोलेनाथ की पूंजा में निमग्न रहे। शहर के पारा मुहल्लों में स्थित शिव मंदिरों के अलावा राम दरबार मंदिर, मिथिला धाम मंदिर, रेवाडीह स्थित पाताल फोड़ प्रगट हुए शिव लिंग मंदिर, पाताल भैरवी के बारह उपजे स्वयं भू शिव लिंगेश्वर मंदिर के अलावा अन्यान्य मंदिरों मे भगवान शिव पूजन के लिए भक्तों का तांता रहा।



