राजनांदगांव रीजन में स्मार्ट मीटरधारी 97 प्रतिशत उपभोक्ता आए 400 यूनिट तक की श्रेणी में
जून की तुलना में जुलाई में कुल बिजली खपत में 24 प्रतिशत की दर्ज हुई कमी, चेक मीटर की जांच में गलत साबित हुई स्मार्ट मीटर के तेज चलने की अफवाह
राजनांदगांव (दावा)। राजनांदगांव रीजन में जुलाई 2026 के दौरान स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। स्लैब-वार उपभोग आंकड़ों के अनुसार कुल 3,87,295 स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं में से 3,77,472 उपभोक्ता (लगभग 97 प्रतिशत) 400 यूनिट तक बिजली खपत की श्रेणी में आ गए हैं। इससे राज्य सरकार की ‘एम ऊर्जा’ (मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान) का लाभ अब अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा जून और जुलाई के आंकड़ों के तुलनात्मक अध्ययन के अनुसार जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 46.53 मिलियन यूनिट (एमयू) रही। जो जून 2026 में दर्ज 61.09 मिलियन यूनिट (एमयू) की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत कम है।
400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं में 61 प्रतिशत से अधिक की गिरावट
जारी आंकड़ों के अनुसार 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या जून में 3,50,500 से बढक़र जुलाई में 3,77,472 हो गई है। इस प्रकार 26,972 अतिरिक्त उपभोक्ताओं को ‘एम ऊर्जा’ योजना के तहत छूट का लाभ मिला है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 25,761 से घटकर 9,823 रह गई है, जो 61.87 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। सर्वाधिक गिरावट 600 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के वर्ग में दर्ज की गई। जहां उपभोक्ताओं की संख्या में 65.90 प्रतिशत तथा बिजली खपत में 58.02 प्रतिशत की कमी आई है।
खपत में कमी के दो मुख्य कारण व स्मार्ट मीटर पर स्पष्टीकरण
विभाग के अनुसार बिजली खपत में इस कमी के दो प्रमुख कारण हैं— मानसून सीजन के दौरान एसी और कूलर जैसे उपकरणों के उपयोग में मौसमी कमी। ‘एम ऊर्जा’ योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं द्वारा अपनी बिजली खपत को नियोजित रूप से सीमित रखना। पावर कंपनी ने स्मार्ट मीटर के तेज चलने की अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि कुछ उपभोक्ताओं के परिसरों में जांच हेतु पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर (चेक मीटर) लगाए गए थे। जिनमें खपत पूरी तरह समान पाई गई। कंपनी ने पुष्टि की है कि ये सभी आंकड़े वास्तविक और पूर्णत: सत्यापित मीटर रीडिंग पर आधारित हैं।



