० शिक्षा में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए मिला प्रतिष्ठित राज्यस्तरीय अलंकरण
० भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा धमतरी में आयोजित हुआ ‘शिक्षक स्वाभिमान दिवस’ सम्मान समारोह
राजनांदगांव (दावा)। शासकीय हाई स्कूल पनेका की व्याख्याता शाहीन खान को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान के लिए राज्यस्तरीय ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित भारतीय दलित साहित्य अकादमी की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा धमतरी में आयोजित शिक्षक स्वाभिमान दिवस के भव्य समारोह में प्रदान किया गया। विदित हो कि अकादमी द्वारा विगत 45 वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों का राज्य स्तर पर चयन कर उन्हें सम्मानित करने की गौरवशाली परंपरा रही है।
समारोह का आयोजन अकादमी की छत्तीसगढ़ इकाई के प्रांताध्यक्ष जी.आर. बंजारे ‘ज्वाला’ के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निगार अंजुम, अध्यक्षता सुशीला देवी वाल्मीकि तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में भिलाई के वरिष्ठ समाजसेवी सुंदरदास मानिकपुरी उपस्थित रहे। मंचासीन अतिथियों ने शाहीन खान के समर्पण और नवाचार आधारित शिक्षण शैली की सराहना करते हुए उन्हें यह अलंकरण सौंपा।
वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा : राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे मॉडल
व्याख्याता शाहीन खान ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध और नवाचार की भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कुशल मार्गदर्शन में तैयार किए गए विद्यार्थियों के कई विज्ञान मॉडल राज्य स्तर पर चयनित हुए हैं। जिनमें से एक उत्कृष्ट मॉडल का चयन राष्ट्रीय स्तर पर भी हो चुका है। यह उल्लेखनीय है कि शाहीन खान को इससे पहले भी कई मंचों पर सराहा जा चुका है। विगत माह रायपुर की कर्म प्रथम चैरिटेबल संस्था द्वारा शिक्षा एवं समाज में योगदान के लिए उन्हें ‘नारी शक्ति सम्मान’ से नवाजा गया था। विगत शिक्षक दिवस के अवसर पर राजनांदगांव ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में सांसद एवं महापौर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों का अभिनंदन किया गया था।


