Home देश-विदेश दुनिया का 40% तेल-LPG घेरे बैठा ईरान, बाब-अल-मंदेब में हूतियों का तांडव,...

दुनिया का 40% तेल-LPG घेरे बैठा ईरान, बाब-अल-मंदेब में हूतियों का तांडव, होर्मुज में 9 जहाजों को खुद ठोका

6
0
यमन के तट के पास एक टैंकर के आसपास कई धमाकों की खबर आई है. यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक ये घटना मोखा बंदरगाह से 60 समुद्री मील दक्षिण में हुई. टैंकर कंपनी के सुरक्षा अधिकारी ने जहाज के करीब कई विस्फोट देखे गए. बस गनीमत ये रही है कि चालक दल सुरक्षित है और पर्यावरण पर कोई असर नहीं पड़ा. फिलहाल अधिकारी जांच कर रहे हैं और इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

ये घटना होर्मुज के विकल्प बने हुए स्ट्रेट बाब अल मंदेब के पास हुई है, जो लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है. हूती विद्रोही लंबे समय से इस क्षेत्र पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. वे यहां जहाजों पर हमले कर समुद्री यातायात को बाधित करते रहे हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी बढ़ा तनाव

इसी समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने केश्म द्वीप से अमेरिकी नौसेना के जहाजों की सुरक्षा में चल रहे पोतों की ओर कई एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें दागी हैं. यहां विस्फोट की आवाजें सुनाई दीं और एक अमेरिकी नौसेना के जहाज को निशाना बनाने की खबरें आईं. ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी UK मारीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर के कप्तान ने जहाज पर हमला होने की सूचना दी. इससे जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुंचा है. हालांकि, जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और फिलहाल समुद्र में किसी तरह के प्रदूषण या पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी नहीं मिली है. ऊपर आसमान में चार अमेरिकी केसी-46 पेगासस और एक केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर सक्रिय थे.
पिछले एक हफ्ते के अंदर होर्मुज में कुल 9 जहाजों पर हमले हो चुके हैं. जब से ईरान ने अमेरिका के आगे 7 शर्तें रखी हैं और उसने नहीं माना है, तब से यही हाल है. आपको बता दें कि बाब अल मंदेब और होर्मुज दोनों दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग हैं. इनसे होकर खाड़ी देशों का तेल यूरोप, एशिया और अमेरिका तक पहुंचता है. होर्मुज से जहां दुनिया का 25 फीसदी तेल होकर गुजरता है, तो वहीं बाब-अल-मंदेब से करीब 12-15 फीसदी तेल जाता है. ऐसे में करीब 40 फीसदी तेल-गैस के मार्ग पर ईरान का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण है. अगर ये रास्ते लंबे समय तक बाधित रहे तो तेल की आपूर्ति प्रभावित होगी और कीमतें बढ़ेंगी.