राजनांदगांव (दावा)। नर्सिंग आफिसर्स एसोशिएशन के बैनर तले मेडिकल कॉलेज हास्पीटल की नर्सिंग स्टाफ ने अपनी 2 सूत्रीय मांगों को लेकर जहां दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी वहीं अपने आंदोलन को धार देने के लिए गुरुवार को शहर में स्कूटी रैली निकाली जिसमें बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ की नर्सेज शामिल हुई। बता दें कि इसके पहले नर्सो ने हास्पीटल में काली पट्टी लगा कर मरीजों की देखभाल की इस दौरान अपनी मांगों के संदर्भ में हास्पीटल परिसर में नारे बाजी की गई तत्पश्चात मेडिकल कॉलेज हास्पीटल से स्कूटी रैली निकाली जिसका शहर भ्रमण किया गया।
व्यवस्था से नर्सिंग स्टाफ की मांगे
अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे नर्सिंग स्टाफ की मुख्य मांगों में ग्रेड पर बने प्रस्ताव को लागू करना तथा संविदा तथा देनिक वेतन भोगी स्टाफ नर्सो की वर्तमान कार्यरत अस्पतालों में नियमित करने की मांग शामिल है। नर्सो द्वारा अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर किए जा रहे हड़ताल से मेडिकल कॉलेज हास्पीटल में भर्ती मरीजों की जांच,इलाज व उनकी देखभाल के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नर्सो का कहना है कि दीवाली से पहले मांग पूरी नहीं होने पर 18 नवंबर से प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। हालांकि प्रबंधन द्वारा प्रशिक्षु नर्सिंग स्टाफ का वैकल्पिक इंतजाम किया गया है। इसके बावजूद मरीज के इलाज से संबंधित फार्म भरना, दवा लिखना, समय पर दवा, इंजेक्शन देना और प्रशासनिक कार्य पर प्रभाव पड़ रहा है।
स्टाफ नर्सो के 100 पद आज भी रिक्त
मेडिकल कॉलेज हास्पीटल में नर्सों द्वारा आंदोलन छेडऩे की एक वजह हास्पीटल में स्टाफ नर्सो की कमी है। नर्सो का कहना है कि हास्पीटल के लिए 186 नर्सों के लिए अनुशंसा की गई थी परंतु 11 वर्ष हो चुके,, आज भी 100 पद रिक्त हैं। अस्पताल में नर्सों की कमी है और काम बेहिसाब है। हालांकि प्रबंधन द्वारा इसे देखते हुए दैनिक वेतन भोगी नर्सेज की नियुक्ति की गई है जिनका वेतनमान 10 से 12 हजार रुपए मात्र ही है जो कि एक आम व्यक्ति के परिवार कै संचालित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। आंदोलन रत स्टाफ नर्सो ने मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से आपत्ति जताई है और सचेत किया है कि उनकी मांगे दीवाली के पहले तक पूरी नहीं हुई तो 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।




