० कोहका निवासी 26 वर्षीय महिला ने तीन बच्चों को दिया जन्म, एक बच्ची और दो बच्चे स्वस्थ
० गंभीर स्थिति में डोंगरगांव से पहुंची थी प्रसूता, डॉक्टरों की तत्परता से जच्चा-बच्चा सुरक्षित
राजनांदगांव (दावा)। भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय (पेंड्री), राजनांदगांव के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों ने एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराकर मिसाल पेश की है। यहां कोहका (राजनांदगांव) निवासी 26 वर्षीय मोनिका साहू (पति मुकुंद कुमार) की ट्रिपलेट प्रेग्नेंसी (गर्भ में तीन बच्चे) का सफल प्रसव कराया गया। खास बात यह रही कि पहले दो शिशुओं का जन्म सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) से हुआ। जबकि तीसरे शिशु का जन्म आपातकालीन सीजेरियन ऑपरेशन के जरिए कराया गया।
जानकारी के अनुसार महिला तीसरी बार गर्भवती थी और उसकी गर्भावस्था 35 सप्ताह 5 दिन की थी। महिला की सभी प्रसव पूर्व जांचें डोंगरगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में हुई थीं। 7 अक्टूबर की शाम अत्यधिक प्रसव पीड़ा और प्रसव के अंतिम चरण में उसे डोंगरगांव से सीधे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लेबर रूम में लाया गया।
सामान्यत: ट्रिपलेट गर्भावस्था के मामलों में जोखिम से बचने के लिए सीजेरियन डिलीवरी ही की जाती है, लेकिन महिला के प्रसव के अंतिम चरण में पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने तुरंत सामान्य प्रसव की प्रक्रिया शुरू की। भर्ती होते ही पहले और दूसरे शिशु का सामान्य प्रसव कराया गया, जिनका वजन लगभग 2-2 किलोग्राम है। वहीं, तीसरा बच्चा गर्भ में आड़ा होकर फंस गया था, जिससे तत्काल आपातकालीन सीजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया गया और तीसरे बच्चे को सुरक्षित निकाला गया। तीसरे शिशु का वजन लगभग 1.8 किलोग्राम दर्ज किया गया है।
जन्म लेने वाले तीन बच्चों में एक कन्या और दो बालक हैं। सभी शिशु प्री-मैच्योर होने के बावजूद पूरी तरह स्वस्थ हैं। फिलहाल तीनों नवजात अपनी मां के पास हैं और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अस्पताल प्रबंधन और परिजनों ने इस सफल एवं जटिल प्रसव के लिए लेबर रूम व ऑपरेशन टीम के चिकित्सकों तथा नर्सिंग स्टाफ की तत्परता व कुशलता की सराहना की है।




