रोगों की समय पर पहचान और सही उपचार ही नवजीवन हास्पीटल की विशेषता
राजनांदगांव (दावा)। हमारा शहर शिक्षा हब के साथ-साथ चिकित्सा हब के रुप में जाना जाने लगा है। शहर के डोंगरगांव रोड बंसंतपुर स्थित नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हास्पीटल लगातार मरीज़ो को गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों से पीड़ीत मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रहा है। इससे इस हास्पीटल के प्रति लोगों का खासा विश्वास बना हुआ है।
इस अस्पताल में मेडीसीन, न्यूरोलाजी, फिजियोथेरेपी गेस्ट्रो-एंड्रियोलाजी सहित विभिन्न विभागों की मदद से न केवल बेहतर इलाज दिया जाता है बल्कि आवश्यकता से अधिक समन्वया्मक प्रबंधन कर पूरी पुनर्वरिष्टता प्रदान की जाती है यही वजह है कि जिले भर के लोगों सहित आसपास के पड़ोसी जिले के मरीजो में नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हास्पीटल आशा की लकीरें बनी हुई है। वहीं गजब की बात यह है कि डाक्टर चेतन साहू इस विश्वास पर खरा उतरते हुए नवजीवन के विशेषज्ञ डाक्टरों के साथ चाहे कैसा भी पीड़ित मरीज हो उन्हें ठीक कर नव-जीवन दान देने नहीं भूलते। यही वजह है कि नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हास्पीटल लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध पहली पसंद बना हुआ है। इससे यह कहा जा सकता है कि डाक्टर चेतन साहू अपनी विशेषज्ञता पूर्ण इलाज से रोजाना सैकड़ों लोगों को जीवनदान देने का काम कर रहे हैं।
एम्योट्रोपिक लेटरल स्क्लीरियोसिस का मरीज पूर्णत: ठीक
नवजीवन हास्पीटल के संतोष भाई ने बताया कि मल्टीस्पेशलिटी हास्पीटल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ.चेतन साहू जी के पास एक 70 वर्षीया वृद्धा जो एम्योट्रोपिक लेटरल स्क्लीरियोसिस की गंभीर मरीज थी नवजीवन में इलाज से उनकी स्थिति में गजब का सुधार हुआ। इस संदर्भ में डॉ. साहू ने बताया कि उक्त बीमारी के शुरुआती लक्षण में जैसे बार-बार गिरना, और मांसपेशियों में कमजोरी को समय पर पहचान और सही उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का उचित इलाज और फिजियोथेरेपी का बेहतर प्रबंधन तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लक्षण स्थिति और निदान उपचार
बताया गया कि उक्त बीमारी से पीडि़त 70, वर्षीया रमेशिया बाई पिछले कुछ महीनों से चलने में परेशानी और आवाज स्पष्ट नहीं निकलने की शिकायत थी। भोजन निगल नहीं पा रही थी। दैनिक नित्यक्रिया में कठिनाई थी। इस पर उनके नाक में नली डाल कर लिक्विड भोजन दिया गया और विस्तृत चेक अप के पश्चात न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. चेतन द्वारा एएलएस का निदान किया गया। जिनमें दवाईयों के साथ ह्म्द्बद्यश5शद्यद्ग दवाई से उपचार शुरू किया गया और नियमित देखभाल की गई।माह भर के इलाज से मरीज रमेशिया बाई की स्थिति में सकारात्मक सुधार हुआ। मरीज के चलने फिरने व आवाज की स्पष्टता में सुधार हुई व दैनिक नित्यक्रिया में आसानी हुई।
नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल का उद्देश्य
मेडीसीन एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ चेतन साहू ने बताया कि उक्त वृद्धा का इलाज लकवा रोग के रूप में किया जा रहा था किंतु डाक्टर साहू ने सही जांच कर बताया कि यह लकवा नहीं है बल्कि एक रेयर किस्म का न्यूरो डीजनरेटिव डिसिज है। जो कि लाखों मे एक-दो लोगों में मुश्किल से पाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस की दवा किसी भी मेडिकल स्टोर्स में नहीं मिलती। इसे डाक्टरों के कहने पर ही मरीज के घर तक उपलब्ध कराया जाता है। डॉ.साब ने बताया कि नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हास्पीटल का उद्देश्य रोगी का स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना है। हास्पीटल के अनुभवी एवं विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम, विशेष परीक्षण, और समय पर उपचार प्रबंधन से न केवल ए एल एस की मरीज की स्थिति में सुधार हुआ अपितु उसे जीवन जीने में नई उर्जा उत्साह उल्लास का संचार हुआ और उसमें गज़ब की आत्मविश्वास बनी। डॉ.चेतन साहू ने बताया कि मरीज के इलाज पश्चात मिली सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर सही इलाज दिया जाए तो एएलएस जैसे गंभीर रोगो पर नियंत्रण पाया जा सकता है।



