० चार साल से अटका रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण, 50 साल पुराने ओवरब्रिज पर बढ़ा भारी ट्रैफिक दबाव
० स्टेशन मास्टर बोले— पीडब्ल्यूडी के अधिकारी को चार बार किया फोन, पर उठाना भी नहीं समझा मुनासिब
राजनांदगांव (दावा)। शहर में बीते चार वर्षों से रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण कार्य कछुआ गति से चलने के कारण पूरा नहीं हो पाया है। इसके चलते शहर का पूरा यातायात दबाव स्टेशन पारा ओवर ब्रिज पर आ गया है। लगभग 50 साल पुराने इस ओवरब्रिज की निर्धारित समयावधि (लाइफ) खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद जर्जर हो चुके इस पुल से रोजाना भारी यातायात को गुजारा जा रहा है। बदहाली के इस दौर में ओवरब्रिज पर कब कोई गंभीर और बड़ा हादसा हो जाए। कुछ कहा नहीं जा सकता। रेलवे और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इस घोर उदासीनता से नागरिकों की जान दांव पर लगी हुई है।

ओवर ब्रिज पर उभरे जानलेवा गड्ढे, पीडब्ल्यूडी मौन
अंडरब्रिज निर्माण में हो रही ले-लतीफी के कारण भारी दबाव झेल रहे इस ओवरब्रिज पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे उभर आए हैं। पुल के बीचों-बीच बना एक गड्ढा तो इतना खतरनाक है कि इससे गुजरने वाले वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। गाडय़िां इस गड्ढे में जोर से दचके खाती हैं। जिससे असंतुलित होकर दुपहिया चालकों के गिरने का खतरा हर पल बना रहता है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग आंखें मूंदे बैठा है और मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
अंधेरे में डूबा ब्रिज, बिखर रहे डिवाइडर के टुकड़े
ओवर ब्रिज पर केवल गड्ढे ही नहीं, बल्कि क्षतिग्रस्त हो चुके रोड डिवाइडर और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें भी काल बनकर खड़ी हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण रात के वक्त पूरे पुल पर घाना अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में वाहन चालकों को सडक़ पर बिखरे और टूटे हुए डिवाइडर नजर नहीं आते। जिससे टकराकर तेज रफ्तार गाडिय़ां दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं। वाहनों की ठोकर से डिवाइडर और ज्यादा चकनाचूर होकर सडक़ पर बिखर रहे हैं। जिससे गाडिय़ां स्लिप हो रही हैं।
अंडरब्रिज निर्माण में देरी बनी सबसे बड़ी मुसीबत
रेलवे की घोर लापरवाही के कारण न तो नया अंडरब्रिज समय पर तैयार हो पा रहा है और न ही 50 साल पुराने ओवरब्रिज का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इस अंडरब्रिज के न बनने से पटरी पार क्षेत्र जैसे चिखली, स्टेशन पारा, शंकरपुर, दीनदयाल नगर सहित खैरागढ़, कवर्धा और बेमेतरा की ओर जाने वाले हजारों राहगीर इसी जर्जर ओवरब्रिज के भरोसे चलने को मजबूर हैं, जो अब अपने दुर्भाग्य पर आंसू बहा रहा है।
अधिकारी नहीं उठा रहे फोन : स्टेशन मास्टर
स्टेशन मास्टर राजेश कुमार बर्मन ने इस अव्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए बताया कि बारिश के दिनों में ओवरब्रिज पर उभरे इन जानलेवा गड्ढों और क्षतिग्रस्त डिवाइडर की मरम्मत के लिए उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के संबंधित अधिकारी चौरसिया जी का ध्यान चार बार आकर्षित करने का प्रयास किया। लेकिन, वे फोन उठाना भी गवारा नहीं समझ रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का कहना है कि यदि इस जर्जर ओवरब्रिज का मेंटेनेंस तत्काल नहीं किया गया, गड्ढों को नहीं पाटा गया और लाइटें चालू नहीं की गईं, तो कभी भी कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। सजग नागरिकों ने मांग की है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेना चाहिए और दिनों-दिन जर्जर हो रहे इस पुल के संधारण के लिए संबंधित लापरवाह विभाग व अधिकारियों पर कड़ा दबाव बनाना चाहिए।



