० लाखों रुपये के घरेलू, व्यावसायिक एवं खाली सिलेंडर जब्त कर खाद्य विभाग ने की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
० अवैध भंडारण और रिकॉर्ड में हेराफेरी मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज, कलेक्टर न्यायालय भेजा गया प्रकरण
खैरागढ़ (दावा)। जिला खाद्य विभाग की टीम ने आज खैरागढ़ स्थित स्थानीय शिवा इंडेन गैस एजेंसी में औचक निरीक्षण कर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खाद्य अधिकारी के निर्देशानुसार हुई इस छापामार कार्रवाई से क्षेत्र के गैस संचालकों में हडक़ंप मच गया है। जांच के दौरान नियमों में गंभीर अनियमितताएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर टीम ने मौके से भारी मात्रा में रसोई गैस सिलेंडरों को जब्त किया है। शिवा इंडेन गैस एजेंसी पर इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।
जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
खाद्य अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची विशेष जांच टीम ने जब शिवा इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम और स्टॉक का भौतिक सत्यापन (मिलान) किया तो रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी पाई गई। इसके साथ ही मौके पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी तथा सिलेंडरों के अवैध भंडारण एवं वितरण की शिकायतें भी सही पाई गईं। नियमों का स्पष्ट उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित सिलेंडरों को जब्त कर लिया।
लाखों रुपये के घरेलू, व्यावसायिक एवं खाली सिलेंडर जप्त
जांच दल द्वारा जब्त किए गए सिलेंडरों की कुल संख्या 608 नग है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 15.89 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। जब्त सामग्रियों में 175 नग (अनुमानित कीमत 5,66,030, टंकी के मूल्य सहित), 13 नग (अनुमानित कीमत 82,894 टंकी के मूल्य सहित), 420 नग (अनुमानित कीमत 9,40,758) जप्त की है। गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत मामला दर्ज करते हुए जब्तीनामा तैयार किया गया है। खाद्य विभाग द्वारा मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु प्रकरण को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है।
अवैध गतिविधियों पर जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग, कालाबाजारी अथवा अवैध भंडारण के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली गैस एजेंसियों के खिलाफ आगे भी इस प्रकार की औचक जांच एवं सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


