माइनिंग ऑफिस की कार्यप्रणाली उपभोक्ता परेशान : महंगे में मिल रही रेत
राजनांदगांव (दावा)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने, अवैध उत्खनन पर रोक लगाने और राजस्व की सुरक्षा को लेकर खनिज परिवहन व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, ज्ञात हुआ है कि राजनांदगांव माइनिंग ऑफिस द्वारा वैध खनिज परिवहन करने वाले वाहनों को रास्ते में रोककर सोलर पैनल लगाने और जबरन रजिस्ट्रेशन कॉपी जमा कराने के लिए बनाए जा रहे दबाव को लेकर परिवहनकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
बिना रॉयल्टी पर्ची के भुगतान पर लगे पूर्ण रोक
वर्तमान में शासन द्वारा ठेका पद्धति से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में कई ठेकेदार परिवहनकर्ताओं से खनिज परिवहन की वैध रॉयल्टी पर्ची (ई-ट्रांजिट पास) लिए बिना ही सामग्री स्वीकार कर रहे हैं। इससे बिना रॉयल्टी के अवैध खनिज परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है और शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। पूर्व की व्यवस्था का हवाला देते हुए मांग की गई है कि निर्माण कार्यों के भुगतान एवं रॉयल्टी क्लियरेंस के लिए फिजिकल रॉयल्टी पर्ची जमा करना अनिवार्य किया जाए। रॉयल्टी पर्ची के पूर्ण सत्यापन के उपरांत ही संबंधित ठेकेदार के कार्य का भुगतान किया जाए। जिससे राजस्व सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
दस्तावेज होने के बाद भी रास्ते में परेशान न करें अधिकारी
परिवहनकर्ताओं ने दैनिक ‘दावा’ को बताया कि वाहन के पास वैध रॉयल्टी और सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं तो भी माइनिंग विभाग के अधिकारियों द्वारा रास्ते में गाडिय़ां रोककर परेशान किया जाता है। राजनांदगांव माइनिंग ऑफिस द्वारा गाड़ी पकड़े जाने पर सोलर पैनल लगाने के लिए अनुचित प्रेशर दिया जा रहा है। किसी भी खदान से बिना वैध रॉयल्टी/ई-ट्रांजिट पास के खनिज से भरा वाहन बाहर निकलने पर संबंधित खदान संचालक एवं ठेकेदार के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई हो। प्रदेश में पर्याप्त संख्या में रेत खदानों का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासकीय व निजी निर्माण कार्य प्रभावित न हों और बाजार में रेत की कृत्रिम कमी या कालाबाजारी उत्पन्न न हो। शासन द्वारा निर्धारित रॉयल्टी दर एवं लोडिंग शुल्क का कड़ाई से पालन कराया जाए। निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने वाले खदान संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाए। प्रत्येक खदान का सीमांकन स्पष्ट और स्थायी रूप से किया जाए। खदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर शासन द्वारा निर्धारित नियम, शर्तें, रॉयल्टी दर, लोडिंग शुल्क, कार्य समय तथा शिकायत हेतु संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर सहित सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए। परिवहनकर्ताओं और ठेकेदारों ने शासन से निवेदन किया है कि इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक आदेश जारी किए जाए। जिससे खनिज परिवहन व्यवस्था पारदर्शी, सरल और जनहितकारी बन सके।

