0 रोज़ाना बन रहे विवाद के हालात, महिलाओं-छात्राओं का निकलना हुआ मुश्किल; आबकारी विभाग बोला-जानकारी नहीं थी, होगी तत्काल कार्रवाई
छुईखदान । नगर स्थित देशी मदिरा दुकान में अव्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरी दुकान का संचालन लगभग एक ही कर्मचारी के भरोसे किया जा रहा है। ग्राहकों की भारी भीड़ के बीच व्यवस्था चरमराई हुई नजर आती है, जिससे रोजाना धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और विवाद जैसी स्थिति बन रही है। शाम होते ही दुकान के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। पर्याप्त कर्मचारियों की कमी के कारण व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाता है। इसी अव्यवस्था का फायदा उठाकर जेबकतरे भी सक्रिय बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़ के दौरान नकदी और मोबाइल चोरी होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई लोग शराब खरीदने के बाद दुकान के बाहर और मुख्य सडक़ किनारे ही खुलेआम बैठकर शराब का सेवन करते हैं। इसके कारण सार्वजनिक मार्ग पर अराजक माहौल बन जाता है। महिलाओं, छात्राओं और आम राहगीरों को इस रास्ते से गुजरने में असहजता का सामना करना पड़ता है और कई बार उन्हें दूसरा रास्ता चुनना पड़ता है। आसपास के व्यापारियों का कहना है कि शाम के समय सडक़ पर शराब पीने वालों के कारण शोर-शराबा, गाली-गलौज और झगड़े जैसी स्थिति अक्सर निर्मित होती है, जिससे क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम शराब पीने की घटनाएं लगातार सामने आने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। नागरिकों ने शराब दुकान में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने तथा सडक़ पर शराब पीने वालों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाने की मांग की है। इस संबंध में आबकारी विभाग से चर्चा करने पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस प्रकार की अव्यवस्था और सडक़ पर खुलेआम शराब पीने की जानकारी नहीं थी। अधिकारियों ने कहा कि मामला अब उनके संज्ञान में आ गया है और तत्काल मौके का निरीक्षण कराया जाएगा। सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा यदि दुकान में कर्मचारियों की कमी या अन्य व्यवस्थागत खामियां पाई जाती हैं तो उन्हें भी शीघ्र दूर किया जाएगा। इस पूरे मामले में अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना भी घट सकती है।



