विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से चर्चा के बाद मिली सौगात, मूर्तिकारों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी सुविधाएं
राजनांदगांव (दावा)। आगामी तीजा एवं गणेश पर्व की तैयारियों के बीच पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने सिंगदई पहुंचकर पारंपरिक रूप से प्रतिमा निर्माण में जुटे स्थानीय मूर्तिकारों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिल्पकारों से सीधे संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली, समस्याओं, आवश्यकताओं तथा पारंपरिक मूर्तिकला के संरक्षण में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों की जानकारी ली। मुलाकात के दौरान सिंगदई के मूर्तिकारों ने पूर्व सांसद को मिट्टी से निर्मित बाल गणेश की नयनाभिराम प्रतिमा भेंट की। शिल्पकारों की असाधारण कला की प्रशंसा करते हुए अभिषेक सिंह ने कहा कि मिट्टी से देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को जीवंत रूप देना हमारी समृद्ध लोक परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है। इस पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ-साथ इसका नई पीढ़ी तक हस्तांतरण बेहद जरूरी है।
डॉ. रमन सिंह ने दी सामूहिक भवन निर्माण की सहमति
मूर्तिकारों की कार्यस्थल संबंधी मांग और प्राथमिक जरूरतों को देखते हुए पूर्व सांसद ने स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. रमन सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए आश्वस्त किया कि सिंगदई के मूर्तिकारों के लिए जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त सामूहिक मूर्ति निर्माण भवन का निर्माण कराया जाएगा।
एक छत के नीचे निर्माण व प्रशिक्षण की व्यवस्था
सामूहिक मूर्ति निर्माण भवन बन जाने से सभी मूर्तिकारों को एक ही स्थान पर प्रतिमा निर्माण के लिए पर्याप्त जगह और व्यवस्थित बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा भवन परिसर में नई पीढ़ी को पारंपरिक माटी कला और मूर्तिकला की बारीकियां सिखाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करने की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। अभिषेक सिंह ने कहा कि पारंपरिक विरासत को सहेजना केवल सांस्कृतिक दायित्व नहीं, बल्कि इससे जुड़े शिल्पकारों के सम्मान, आजीविका और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने का माध्यम भी है। सामूहिक भवन और प्रशिक्षण कार्यशाला की पहल से मूर्तिकारों के श्रम को उचित पहचान मिलेगी। सिंगदई के मूर्तिकारों ने समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेने और सामूहिक भवन निर्माण की पहल के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के प्रति आभार प्रकट किया।



