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छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात : एबिस ने उठाया देश को प्रोटीन के प्रति जागरूक बनाने का बीड़ा…

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छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात : एबिस ने उठाया देश को प्रोटीन के प्रति जागरूक बनाने का बीड़ा

रायपुर (दावा)। छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि प्रदेश की अग्रणी कंपनी एबिस फूड्स एंड प्रोटीन्स प्राइवेट लिमिटेड (आईबी ग्रुप) ने देशवासियों को पोषण और प्रोटीन के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए ‘भारत प्रोटीन मिशन’ जैसा वृहद देशव्यापी अभियान प्रारंभ किया है।

इस मिशन के माध्यम से कंपनी गांव-गांव और तहसील स्तर तक पहुंचकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं को दैनिक आहार में प्रोटीन की अनिवार्यता व उसके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक कर रही है। आईबी ग्रुप ने विश्व प्रोटीन दिवस के अवसर पर ‘भारत प्रोटीन मिशन’ का आगाज किया था। इसके बाद 22 जून को इस अभियान को और अधिक विस्तार देने का निर्णय लिया गया। कंपनी ने तय किया कि प्रोटीन के प्रति जागरूकता केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रहकर साल के 365 दिन निरंतर जमीनी स्तर पर चलाई जाएगी। इसी संकल्प के साथ आईबी ग्रुप की टीमें विभिन्न राज्यों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

महिलाओं और बच्चों के पोषण पर विशेष जोर
अभियान के अंतर्गत देशभर में फैली 400 से अधिक शाखाओं के उत्कृष्ट पोल्ट्री फार्मर्स के सहयोग से विशेष जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। इसमें सरल भाषा में समझाया जा रहा है कि संतुलित आहार में प्रोटीन की सही मात्रा क्यों जरूरी है और यह बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास में किस तरह सहायक है। इसके साथ ही ग्रामीण परिवारों, बुजुर्गों व युवाओं की खानपान संबंधी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

मार्च 2027 तक व्यापक विस्तार का लक्ष्य
कंपनी ने भारत प्रोटीन मिशन को मार्च 2027 तक देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जून से प्रारंभ हुए इस सघन अभियान से सितंबर माह तक लगभग 40 हजार लोग सीधे लाभान्वित हो चुके हैं। आईबी ग्रुप के प्रबंध निदेशक (एमडी) बहादुर अली ने देशवासियों, किसानों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से इस मिशन से जुडऩे की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश को कुपोषण मुक्त और प्रोटीन संपन्न बनाना किसी एक संस्था के बूते संभव नहीं है, इसके लिए पूरे समाज को सहभागी बनना होगा। विशुद्ध रूप से छत्तीसगढ़ की माटी से उपजी यह पहल आज राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य चेतना का नया अध्याय लिख रही है।

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