गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी पर हुई कार्रवाई
राजनांदगांव (दावा)। कोतवाली पुलिस एवं जिला साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए छह राज्यों में 91 लाख 85 हजार रुपये की ठगी में प्रयुक्त ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ (फर्जी/किराए के खाते) के धारक को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार शाह ने बताया कि वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराधों में अपराधियों द्वारा आम लोगों के बैंक खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल करने के मामलों को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, एएसपी कीर्तन राठौर एवं सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल प्रभारी विनय पम्मार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित कर अभियान छेड़ा गया। थाना प्रभारी शाह ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल से ऐसे खातों की सूची प्राप्त हुई थी, जिनका उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की रकम खपाने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। तकनीकी जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी के आईसीआईसीआई बैंक खाते का उपयोग छह राज्यों में घटित 91 लाख 85 हजार रुपये की ठगी की रकम को प्राप्त करने एवं इधर-उधर स्थानांतरित करने के लिए किया गया। खाताधारक यह भली-भांति जानता था कि यह राशि धोखाधड़ी से अर्जित की गई है, फिर भी उसने कमीशन के लालच में खाते का दुरुपयोग होने दिया। मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 611/26, धारा 317(4), 317(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत जुर्म दर्ज किया गया।
डोंगरगढ़ क्षेत्र का निवासी है आरोपी, जुर्म कबूला
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी धनीराम सिन्हा (उम्र 43 वर्ष, पिता हीराराम सिन्हा, निवासी ग्राम जामरी, पोस्ट जटकन्हार, थाना डोंगरगढ़) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल करा दिया गया। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।



