राजनांदगांव (दावा)। देश में बाजारवाद इस कदर हावी है कि कंपनी वाले अपने चीजो की प्रचार के लिए एक से बढक़र एक माध्यमों से प्रचार करने में पीछे नजर नहीं आते हैं। दीपावली का पर्व सामने है इसलिए अपने सामानों की बिक्री के लिए लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए दुकानदार विविध प्रकार के तरीके अपना रहे है। कोई बैंड बाजा के साथ अपने दुकान में बिकने वाली वस्तुएं का प्रचार कर रहे हैं तो कोई ढोल दमाम के साथ तो कोई आटो रिक्शा में फ्लैक्स बोर्ड लगा कर साउंड सिस्टम की तेज आवाज में प्रचार कर रहे हैं। प्रचार को लेकर व्यापारियों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। शहर में दीपावली पर्व पर ग्राहकों को आकर्षित करने फायदा ईमेक्स का प्रचार जोरो-शोरों से जारी है। एक निश्चित धन राशि का सामान खरीदने पर लक्की ड्रा निकाला कर इनाम दिया जा रहा है।
इस बीच बाजार में एक अलग तरह का प्रचार देखने में आया। शहर का भीड़ भाड़ वाले इलाका जयस्तंभ चौक में विशालकाय काला गुरिल्ला चहलकदमी करते दिखा। पहले तो लोग उसे देखकर डरते से दिखे,,फिर बाजे-गाजे की आवाज सुनी तो समझ गए कि किसी एक कंपनी का यह प्रचार है।
शहर के बाजार क्षेत्र में चहलकदमी कर रहा यह भयानक आकार वाला गुरिल्ला लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। बच्चे तो इसे देखकर ही डरने लगे। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि यह गुरिल्ले का सिर्फ आवरण है। जिसके अंदर घुस कर एक कलाकार एक्टिंग कर रहा है और उक्त विशालकाय जानवर का मुखौटा और ड्रेस लगाकर लोगों का मनोरंजन करते हुए एक कंपनी विशेष के पेंट के लिए ध्यान आकृष्ट कर रहा है। बच्चे फिर उस गुरिल्ले से न डरते हुए उसके पीछे मजा लेते हुए चलने लगे। बाजार में आए लोग भी थोड़ी ठिठक कर उस विशालकाय जानवर को अचरज भरी नजरों से देखने को बाध्य हो जाते थे। पर जैसे ही उसके गले में लटक रहे उक्त कंपनी के पेंट का विज्ञापन देखते, अपनी राह ले लेते थे। शहर की बाजार में यह नक़ली विशालकाय गुरिल्ला आकर्षण का केंद्र बना रहा।




