एमडी हटाओ, पीएचई बचााओ के नारे लगे
रायपुर (दावा)। जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों के करीब 2200 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान को लेकर शुक्रवार 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश जोशी के नेतृत्व में प्रदेशभर के हजारों ठेकेदारों ने विधानसभा घेराव का उग्र प्रयास किया। आंदोलन के दौरान एमडी हटाओ, पीएचई बचाओ के गगनभेदी नारे गूंजते रहे। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित ठेकेदारों ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए। जिसके बाद पुलिस प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच तीखी झूमाझटकी हुई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रदेश अध्यक्ष सहित सैकड़ों ठेकेदारों को गिरफ्तार कर लिया।
ढ़ाई साल से अटका है 2200 करोड़ का भुगतान
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश जोशी ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन की हर घर जल योजना में कार्य करने वाले ठेकेदारों का लगभग 2200 करोड़ रुपये का भुगतान पिछले ढ़ाई वर्षों से अटका हुआ है। भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। विभाग द्वारा लगातार अनुबंध की शर्तों से हटकर नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं। जिससे काम करना असंभव हो गया है। पिछले दिनों नीर भवन का घेराव करने के बाद भी जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला। तब आज विवश होकर विधानसभा घेराव का कदम उठाना पड़ा।
बैरिकेड्स तोड़े, भारी पुलिस बल के साथ तीखी बहस
प्रदेशभर से आए हजारों ठेकेदार रायपुर के तूता धरना स्थल पर एकत्रित हुए और वहां से विधानसभा की ओर कूच किया। पुलिस ने विधानसभा मार्ग पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर रखा था और मजबूत बैरिकेडिंग की थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स के पास पहुंचे, माहौल गरमा गया। ठेकेदारों ने बैरिकेड्स तोडऩे की कोशिश की। जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। इस दौरान ठेकेदारों ने वर्तमान कार्यप्रणाली पर कड़ा आक्रोश जताते हुए पूछा कि क्या प्रशासन ठेकेदारों का हाल भी महाराष्ट्र जैसा करना चाहता है? इस उग्र प्रदर्शन और घेराव आंदोलन में संगठन के जिला अध्यक्ष अशोक पंजवानी, सुरेंद्र दाऊ, नितेश श्रीवास्तव, नितिन भाटी मीणा, मनोज ठाकुर, विनू अजवानी, दीपक शर्मा सहित छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए हजारों की संख्या में शासकीय ठेकेदार और एसोसिएशन के पदाधिकारी अशोक पंजवानी, सुरेन्द्र दास, नीलेश श्रीवास्तव, नीतिन भाटी मीणा, मनोज ठाकुर, विनू अजमानी उपस्थित रहे। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी प्रमुख नेताओं और प्रदर्शनकारी ठेकेदारों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।



