डोंगरगांव / जिला राजनांदगांव के थाना डोंगरगांव पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से क्रूरतापूर्वक मवेशी भरकर ले जा रहे एक पिकअप वाहन को पकड़ा है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि जब्द किए गए मवेशियों और वाहन की कुल कीमत 10 लाख रुपए आंकी गई है।
इस तरह हुई कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन में जिलेभर में पशु तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के निर्देशन में डोंगरगांव पुलिस को यह सफलता मिली है।
दिनांक 24 जुलाई 2026 की रात्रि को पुलिस को सूचना मिली कि बजरंग दल के कार्यकर्ता एक संदिग्ध पशु परिवहन वाहन का पीछा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना डोंगरगांव पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से समन्वय स्थापित किया और ग्राम आयबांधा चौक के पास त्वरित घेराबंदी कर पिकअप वाहन (क्रमांक: CG 08 AZ 7329) को रोक लिया।
क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे मवेशी
वाहन की तलाशी लेने पर अंदर 03 नग भैंस, 02 नग भैंसा और 01 नग पडवा कुल 06 मवेशी बेहद क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंस कर भरे हुए मिले। पुलिस ने सभी मवेशियों को सुरक्षित रूप से जप्त कर गौशाला भेज दिया है।
आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 236/2026 दर्ज कर निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है:
छतीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6, 10
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192
महाराष्ट्र के कत्लखाना ले जा रहे थे मवेशी
पुलिस ने पूछताछ के बाद दिनांक 25 जुलाई 2026 को निम्नलिखित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है:
राधे श्याम अंबादे (पिता मदन लाल अंबादे, उम्र 35 वर्ष, निवासी: दामा बंजारी, थाना छुरिया)
सिद्धार्थ बंसोड (पिता अजीत बंसोड, उम्र 29 वर्ष, निवासी: वार्ड नं. 01, बजरंगपुर, पुलिस चौकी चिखली)
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इन मवेशियों को अवैध रूप से कत्लखाने के लिए महाराष्ट्र ले जा रहे थे। डोंगरगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में पशु तस्करी के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में थाना प्रभारी डोंगरगांव निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, प्रधान आरक्षक बृजमोहन यादव, और आरक्षक अजमेर खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



