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शिक्षा व्यवस्था पर संकट: एक साल से बंद है कनिमेरा का मिडिल स्कूल, प्रभावित हो रही बच्चों की पढ़ाई

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छुईखदान। विकासखंड छुईखदान अंतर्गत ग्राम पंचायत कनिमेरा का शासकीय मिडिल स्कूल पिछले लगभग एक वर्ष से जर्जर भवन के कारण बंद पड़ा हुआ है। भवन की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण विद्यालय में कक्षाओं का संचालन बंद कर दिया गया है। वर्तमान में मिडिल स्कूल के छात्र-छात्राओं की कक्षाएँ प्राथमिक विद्यालय के भवन में संचालित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के अनुसार एक ही भवन में प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल की कक्षाएँ संचालित होने से विद्यार्थियों को पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई होने से बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग एक वर्ष से मिडिल स्कूल भवन जर्जर स्थिति में बंद पड़ा है, लेकिन अब तक उसके जीर्णोद्धार या नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्कूल भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो बच्चों की शिक्षा पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।

दुजराम साहू, सरपंच, ग्राम पंचायत कनिमेरा ने बताया, “हमारे गांव का मिडिल स्कूल पिछले लगभग एक वर्ष से जर्जर अवस्था में बंद पड़ा है। मजबूरी में बच्चों की पढ़ाई प्राथमिक विद्यालय में कराई जा रही है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हमारी मांग है कि जल्द से जल्द भवन की मरम्मत कर मिडिल स्कूल की कक्षाएँ पुनः शुरू कराई जाएँ।”

महेंद्र साहू, ग्रामीण ने कहा, “स्कूल भवन की जर्जर स्थिति के कारण बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। प्राथमिक विद्यालय में एक साथ कई कक्षाएँ संचालित होने से पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।”

वहीं खंड शिक्षा अधिकारी, छुईखदान ने बताया, “कनिमेरा मिडिल स्कूल भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी विभाग को है। भवन के जीर्णोद्धार एवं आवश्यक निर्माण कार्य के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। तब तक विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए प्राथमिक विद्यालय में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कक्षाओं का संचालन कराया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।”

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि कनिमेरा के जर्जर मिडिल स्कूल भवन की शीघ्र मरम्मत अथवा नए भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पुनः नियमित रूप से उनके विद्यालय में शुरू हो सके और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

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