राजनांदगांव (दावा)। जिले में अवैध शराब के निर्माण, री-बॉटलिंग और नकली लेबल-होलोग्राम के जरिए शराब को वैध बताकर खपाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। डोंगरगढ़ थाना, मोहारा पुलिस चौकी और साइबर/क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में मामले से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने प्रकरण में अब तक करीब 2 लाख 42 हजार 462 रुपये का मशरूका जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में हीतेजेश्वर साहू निवासी विचारपुर, देवव्रत वर्मा निवासी मोहारा और आनंद अग्रवाल निवासी जयस्तंभ चौक शामिल हैं। मामले में दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
3 हजार लेबल और होलोग्राम
तैयार कराने का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी देवव्रत वर्मा ने फरार आरोपी महेंद्र वर्मा उर्फ बड़ा कट्टी के कहने पर ग्राम मोहारा स्थित प्रिंटिंग दुकान से छत्तीसगढ़ में निर्मित जम्मू व्हिस्की के करीब 3 हजार लेबल और 3 हजार होलोग्राम स्टीकर तैयार करवाए थे। प्रिंटिंग दुकान की तलाशी में जम्मू व्हिस्की के प्रिंटेड लेबल, होलोग्राम स्टीकर के नमूने, लेजर प्रिंटर, कंप्यूटर, मॉनिटर, मोबाइल सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। पुलिस को आरोपियों के बीच हुए क्कढ्ढ लेन-देन के डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं।
2,100 प्लास्टिक बोतलें भी जब्त
पुलिस ने आरोपी आनंद अग्रवाल के कब्जे से 180 एमएल क्षमता की 2,100 प्लास्टिक बोतलें बरामद की हैं। इन बोतलों पर छत्तीसगढ़ में बिक्री से संबंधित अंकन पाया गया है। इसके अलावा मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। मामले की पूर्व जांच में पुलिस ने मोहारा स्थित एक बोरघर से 497 नग 180 एमएल पौवा शराब, जिसकी कुल मात्रा 89.46 बल्क लीटर थी, बरामद की थी। इसमें उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ निर्मित शराब के साथ नकली लेबल, होलोग्राम स्टीकर, खाली बोतलें, ढक्कन और अन्य पैकेजिंग सामग्री मिली थी।
एफएसएल जांच और नेटवर्क की पड़ताल जारी
पुलिस के अनुसार आबकारी विभाग की प्रारंभिक जांच में जब्त शराब के नमूनों में मिलावट और दोबारा बॉटलिंग किए जाने की आशंका सामने आई है। वहीं जब्त लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री को संदिग्ध बताया गया है। इसकी पुष्टि के लिए सामग्री को स्नस्रु और संबंधित निर्माण इकाइयों से सत्यापित कराया जा रहा है।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, क्कढ्ढ लेन-देन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। शराब की निर्माण, री-बॉटलिंग, लेबलिंग, पैकेजिंग, परिवहन और बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।



