छत्तीसगढ़ी व्यंग्य लेखन ‘लबरा के गोठ’ व ‘लबरा खड़े बाजार में’ ने दिलाया सम्मान
राजनांदगांव (दावा)। छत्तीसगढ़ी व्यंग्य लेखन ‘लबरा के गोठ’ व लबरा खड़े बाजार में’ के लिए चर्चित हास्य/व्यंग्य के कवि गिरीश ठक्कर ‘स्वर्गीय’ को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा शाल श्री फल व प्रशस्ति पत्र सहित स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
पत्र लेखक मंच से लेकर छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति – जिला इकाई व छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलने वाले श्री ठक्कर के प्रथम व्यंग्य संग्रह ‘टोटल बकवास’ का भी संपादन किया है। इसके बाद श्री ठक्कर अखबारों व विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में छत्तीसगढ़ी में लबरा के गोठ व लबरा खड़े बाजार में कालम लिखकर छत्तीसगढ़ी व्यंग्य की दुनिया में छा गए।
छत्तीसगढ़ी में व्यंग्य लेखन बनी उपलब्धि
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा श्री ठक्कर की इस उपलब्धि के लिए बेमेतरा सम्मेलन में सम्मानित किया जाना था। किंतु उनके अस्वस्थता वश राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा के ग्राम मोखला में आयोजित साकेत साहित्य परिषद के वार्षिकोत्सव आयोजन मे उन्हें शाल ओढ़ाकर तथा श्री फल प्रशस्ति पत्र व भव्य स्मृति चिन्ह देकर किया। इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार बल्देवराम साहू, विशिष्ट अतिथि संजीव तिवारी, आत्माराम कोशा, कवि चेतन भारती,पद्मलोचन शर्मा, ओमप्रकाश साहू, कुबेर साहू, लखन लाल, महेंद्र बघेल, वीरेंद्र तिवारी “वीरु”, कवयित्री सुषमा शुक्ला, करिश्मा श्रीवास्तव, माला गौतम, पद्मा पर्वणी आदि सहित बड़ी संख्या में कवि/साहित्यकार व लोक कला धर्मी उपस्थित थे।
कवि पवन यादव व रौशन साहू ने बताया कि मोखला में आयोजित उक्त वार्षिकोत्सव आयोजन में अंचल के लोक संगीतकार गोविंद साव व ग्राम्य कवि आनंदराम सार्वा का भी मुख्य अतिथि के हाथों सम्मान किया गया। हास्य-व्यंग्य कवि श्री ठक्कर सहित गोविंद साव व आनंदराम सार्वा के मुख्य अतिथि के हाथों सम्मानित होने पर छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, मानसिंह पप्पू कलिहारी, राकेश इंदुभूषण ठाकुर, शिवनाथ धारा के गजेंद्र हरिहारणो वनांचल साहित्य समिति के डॉ. इक़बाल खान, चंद्रशेखर शर्मा, युनुस ‘अजनबी’, डामन डोंगरे, कोमल गुरु, मोती लाल आदि कवि/साहित्यकारों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उक्त जानकारी सचिव मानसिंह द्वारा दी गई।



